सरई अस्पताल की सरकारी एंबुलेंस सेवा ठप्प
प्रेम सिंह भाटी द्वारा उपलब्ध निशुल्क एंबुलेंस सेवा से बच रही मरीजों की जान

सरई आपातकालीन सेवाए बेपटरी पर,सरई अस्पताल में 3 एंबुलेंस उपलब्ध होने के बावजूद भी सर्पदंश के मरीजों को नहीं मिल रही एंबुलेंस
समाजसेवी प्रेम सिंह भाटी द्वारा दिये गए निशुल्क एंबुलेंस सेवा से बच रही मरीजों की जान
सिंगरौली। सरई तहसील अंतर्गत स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरई में कहने को तो तीन-तीन एंबुलेंस उपलब्ध हैं, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि इनमें से एक भी एंबुलेंस ऐसी स्थिति में नहीं है कि जरूरत के समय मरीजों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जा सके। इसके चलते क्षेत्र की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बताया जा रहा है कि अभी दो मरीजों को सर्पदंश की घटना के बाद तत्काल उपचार और बेहतर चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता है, लेकिन एंबुलेंस व्यवस्था की बदहाली के कारण मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि किसी मरीज की हालत गंभीर हो और उसे तत्काल दूसरे अस्पताल रेफर करना पड़े, तो आखिर उसे समय पर एंबुलेंस की सुविधा कैसे मिलेगी?
क्षेत्रवासियों का कहना है कि सरई जैसे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्र में एंबुलेंस कोई सुविधा नहीं, बल्कि जीवन बचाने वाली अनिवार्य आपातकालीन सेवा है। यदि अस्पताल परिसर में उपलब्ध एंबुलेंस ही चालू हालत में नहीं हैं, तो दुर्घटना, सर्पदंश या अन्य गंभीर मामलों में मरीजों की जान पर भी संकट पैदा हो सकता है।
गौरतलब है कि हाल ही में 81 विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेंद्र मेश्राम द्वारा सरई क्षेत्र में 100 बेड के अस्पताल के निर्माण की घोषणा की गई है। ऐसे में क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि आने वाले समय में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा। लेकिन सवाल यह है कि जब वर्तमान में उपलब्ध एंबुलेंस ही जरूरत के समय मरीजों को नहीं मिल पा रही हैं, तो भविष्य में बड़ी स्वास्थ्य व्यवस्था का संचालन किस तरह होगा?
क्षेत्रवासियों की मांग
क्षेत्रवासियों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि सरई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध सभी एंबुलेंस की तत्काल जांच कराकर उन्हें दुरुस्त कराया जाए, ताकि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सके और किसी अनहोनी से बचा जा सके।
अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेते हैं और सरई की बदहाल एंबुलेंस व्यवस्था कब पटरी पर आती है।



